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ट्रायल रूम रोमांस

वैसे तो रियांशी को पता था कि शौर्य झूठ बोल रहा है! पर उसने कोई हरकत नहीं की वह पृथ्वी से अभी भी गुस्सा है! वही पृथ्वी का चेहरा काला पड़ चुका था! शौर्य के झूठ से उसने शौर्य को आंखे दिखाई पर शौर्य तो शौर्य है उसे कहा कुछ फर्क पड़ना था! वह अभी भी उसी आत्म विश्वास के साथ झूठ बोले जा रहा था! जब पृथ्वी से रहा नहीं गया तो आखिरकार उसने टेबल पर हाथ पटक कर अपनी भारी आवाज में कहा," बस बहुत हो गई बकवास," पृथ्वी की भारी आवाज से शौर्य बिचारा चिहुंक गया! बेचारा अपनी भाई की एक आवाज पर ही चुप हो गया! पर उसके होंठो पर वही चंचल सी हंसी थी क्योंकि उसको जो करना था उसने कर दिया क्योंकि पृथ्वी ने एक तो सुबह सुबह उसे उसकी नींद से जगाया था और अब यहां उसकी क्लास लगने वाली थी!

पृथ्वी ने अपनी भारी आवाज में कहा," बस बहुत हो गया!," उसने आगे अनिरुद्ध और रुद्र से कहा," मैं और बबल आज और अभी रिंग्स की शॉपिंग पर जाएंगे!," पृथ्वी की बातों में आदेशात्मक लहजा था! पर अनिरुद्ध और रुद्र ने एक साथ कहा," हम भी चलेंगे!,"

उन दोनों की बात सुनते ही श्रीजा ने अपने माथे पर हाथ मार लिया! मतलब ये दोनों भाई क्या पगला गए हैं! वह ऐसे बिहेव कर रहे है जैसे पता नहीं पृथ्वी रियांशी को कहा ले जा रहा है! और वैसे भी रियांशी प्रेगनेंट है (सभी की नजरों में) और उनकी शादी होने वाली है फिर ये दोनों क्यों कबाब में हड्डी बन रहे है!

अनिरुद्ध और पृथ्वी की बात सुनते ही तुरंत कहा," नहीं बिल्कुल नहीं!" अनिरुद्ध और रुद्र का चेहरा ऐसा हो गया था मानो पृथ्वी उन दोनों का पति हो और वह अपनी एक नई बीवी लाने की तैयारी कर रहा हो!

अनिरुद्ध ने कहा," क्यों क्यों नहीं जा सकते!," रुद्र ने भी श्रीजा के बालों से खेलते हुए कहा," हम भी चलेंगे और वैसे भी मेरी बीवी के गहने पुराने हो गए है! उसके लिए मुझे नए गहने चाहिए!,"

श्रीजा का मुंह खुल गया उसने जल्दी से कहा," नहीं बिल्कुल नहीं मेरे पास बहुत गहने है! अभी एक हफ्ते पहले ही आप मेरे लिए गहने ले कर आए और उस से पहले भी मैने कभी पहने भी नहीं है! वह गहने मुझे कुछ नहीं चाहिए!," उस जल्दी से मना किया! रुद्र का मुंह बन गया सच तो ये था कि उसे जो भी चीज दिखती उसमें वह श्रीजा को इमेजिन करने लगता! चाहे वह चूड़ियां हो कमरबंद हो या साड़ी! रुद्र की सोच ऐसी थी अगर उसने एक बार उन चीजों पर श्रीजा को इमेजिन कर लिया तो अब वह चीज सिर्फ और सिर्फ श्रीजा की थी न कि किसी और की अब तो हालत ऐसे थे कि श्रीजा के बगल वाले कमरे को तोड़ के एक नया वार्डरोब बनाया गया था!

अनिरुद्ध की बात सुन कर पृथ्वी ने बेशर्मी से कहा," क्योंकि मुझे उसके साथ ट्रायल रूम रोमांस करना है! अगर तुम कंफर्टेबल हो तो चलो," उसके बाद वह अनिरुद्ध को देखने लगा मानो कह रहा हो अब भी चलना चाहते हो! अनिरुद्ध और रुद्र का चेहरा काला पड़ गया दोनों के कान में बस एक शब्द ही गूंज रहे थे

ट्रायल रूम रोमांस

अब तो उन दोनों ने एक दूसरे के आंखों में देखा मानो कह रहे हो अब तो पक्का चलेंगे!

पृथ्वी की बातों को सुन कर सभी के चेहरे पर अलग अलग रिएक्शन थे! पहली तो श्रीजा उसे लगता था कि रुद्र ही है जो बेशर्म है पर पृथ्वी तो उस से भी बड़ा बेशर्म है! एक से बढ़ कर एक है इस सीजन में पिछले सीजन के मुताबिक

शौर्य के होंठो पर मुस्कुराहट आ गई और उसने खुद ही बुदबुदाते हुए कहा," ट्रायल रूम रोमांस नोट बेड! आज से आप ही मेरे गुरु है!,"

मीरा और उसकी मां का चेहरा देखने लायक था! हालांकि घूंघट की वजह से दिख नहीं रहा था!

वही रियांशी अब क्या हो बोले उसे बहुत शर्म आ रही थी उसने किसी तरह खुद को संभालते हुए कहा," मेरे साथ मेरे दोनों भाई और मेरी भाभी जाएगी बस! बात खत्म,"उसकी आवाज सुनकर कुछ पल के लिए पूरा हॉल शांत हो गया। रियांशी की आंखें सीधे पृथ्वी पर टिकी हुई थीं, मानो उसे पहले से ही चेतावनी दे रही हों कि अगर उसने अब एक भी बेशर्मी वाली बात की तो उसकी खैर नहीं। लेकिन पृथ्वी तो पृथ्वी था। वह उन लोगों में से नहीं था जो चेतावनी सुनकर सुधर जाएं। बल्कि उसकी आधी बेशर्मी तो सामने वाले के गुस्से से ही चलती थी।

उधर अनिरुद्ध और रुद्र को तो जैसे नई जान मिल गई,"हाँ! बिल्कुल! हम भी चलेंगे!" दोनों ने एक साथ कहा।

उन दोनों के चेहरे ऐसे चमक रहे थे जैसे किसी ने उन्हें कोई बहुत बड़ा मिशन सौंप दिया हो। दूसरी तरफ पृथ्वी का चेहरा देखने लायक था। उसने पहले रुद्र को देखा, फिर अनिरुद्ध को, फिर दोनों को एक साथ देखा और फिर धीरे-धीरे अपनी गर्दन पीछे टिका दी मानो वह जीवन से हार चुका हो।

"भाई सा" उसने बेहद दुखी आवाज में कहा," आप दोनों आखिर चाहते क्या हो?"

"अपनी बहन की सुरक्षा,"अनिरुद्ध ने बिना एक सेकंड गंवाए जवाब दिया।

"और अपनी होने वाली बहन की इज्जत,"रुद्र ने श्रीजा को और पास खींचते हुए कहा।

पृथ्वी ने कुछ पल तक दोनों को घूरा। फिर उसके होंठों पर धीरे-धीरे एक खतरनाक मुस्कान फैल गई। वह मुस्कान देखकर रियांशी का दिल बैठ गया क्योंकि वह अच्छी तरह जानती थी कि जब भी पृथ्वी ऐसे मुस्कुराता है तब कोई न कोई बकवास जरूर निकलती है और वही हुआ।

"ठीक है" पृथ्वी ने आराम से कहा," चलना है तो चलो।"

अनिरुद्ध और रुद्र के चेहरे पर विजयी मुस्कान आ गई लेकिन अगले ही पल पृथ्वी ने बेहद मासूम चेहरा बनाकर कहा," बस बाद में शिकायत मत करना।"

"किस बात की?" अनिरुद्ध ने भौंहें सिकोड़ते हुए पूछा।

पृथ्वी ने कंधे उचकाए।

"अरे वही अगर मैं और बबल रिंग्स देखते देखते थोड़ा हाथ पकड़ लें, थोड़ा पास खड़े हो जाएं, थोड़ा रोमांटिक हो जाएं तो मुझे मत बोलना। आखिर इंगेजमेंट हमारी है आपकी तो नहीं।"

पूरा हॉल एकदम शांत हो गया।

और जैसा कि पता है कि मेरी बबल हमारे ढेर सारे बुलबुले लाने वाली है! अगर ऐसे मैं उसका मुझे पकड़ कर दीवार से भिड़ा कर एक किस करने मन किया और उसके हार्मोंस उसके कंट्रोल से बाहर होने लगे तोऔर वह मुझे वहीं दुकान के किसी कोने में दबोच ले... तो फिर मत कहना कि मैंने warn नहीं किया था!"

यह सुनते ही मानो पूरे हॉल का तापमान अचानक दस डिग्री बढ़ गया!

रियांशी का चेहरा गुस्से और शर्म से लाल हो चुका था। उसने अपनी आंखें पूरी खोलकर पृथ्वी को घूरा, मानो अपनी नजरों से ही उसे भस्म कर देगी। "पृथ्वी!" वह दाँत भींचकर सिर्फ इतना ही बोल पाई।

दूसरी तरफ अनिरुद्ध और रुद्र का मुंह खुला का खुला रह गया। उन दोनों ने एक-दूसरे को ऐसे देखा जैसे सामने कोई इंसान नहीं, बल्कि बेशर्मी का कोई नया अवतार खड़ा हो।

रुद्र ने तुरंत श्रीजा की आंखें और कान अपने हाथों से ढक दिए और चिल्लाकर बोला, "अबे ओए! बेशर्मी की भी कोई सीमा होती है! श्रीजा के सामने यह सब मत बोल, उसकी मासूमियत खराब हो जाएगी!"

श्रीजा ने रुद्र का हाथ अपने चेहरे से हटाया और मन ही मन सोचा, 'हां, जैसे आप तो बहुत मासूम हैं! एक से बढ़कर एक हैं इस घर के लड़के!'

अनिरुद्ध ने अपना सिर पकड़ लिया। उसने पृथ्वी की तरफ उंगली उठाते हुए गंभीर आवाज में कहा, "पृथ्वी, तू अपनी हद पार कर रहा है! और पहली बात, रियांशी ऐसा कुछ नहीं करने वाली!"

"अच्छा?" पृथ्वी ने एक भौंह उठाई और रियांशी की तरफ एक नटखट मुस्कान के साथ देखा, "तुम्हें क्या पता भाई सा? जब प्यार चढ़ता है ना, तो यह मासूम दिखने वाली लड़कियां ही सबसे ज्यादा खतरनाक होती हैं। क्यों बबल?"

रियांशी से अब और बर्दाश्त नहीं हुआ। उसने पास रखा एक कुशन उठाया और पूरी ताकत से पृथ्वी के मुंह पर दे मारा!

धप्प!

कुशन सीधे पृथ्वी के चेहरे पर लगा, लेकिन पृथ्वी ने उसे बड़े आराम से कैच कर लिया और उल्टे हंसने लगा।

"देख लो भाई सा!" पृथ्वी ने कुशन को गोद में रखते हुए कहा, "अभी से मुझ पर अत्याचार शुरू हो गए हैं। अगर तुम दोनों साथ चलोगे तो इस बेचारे पति को कौन बचाएगा?"

शौर्य जो कब से चुपचाप यह सारा ड्रामा देख रहा था, अपनी हंसी रोक नहीं पाया। उसने मेज पर हाथ मारकर कहा, "अरे वाह पृथ्वी भैया! क्या दांव खेला है! अब अगर ये दोनों साथ जाएंगे भी, तो हर दो मिनट में यही सोचेंगे कि कहीं भाभी आपको किसी कोने में खींच न लें!"

रियांशी ने अब शौर्य को घूरा, तो शौर्य ने तुरंत अपने होंठों पर उंगली रख ली और हवा में हाथ खड़े कर दिए, "मैं चुप हूँ, मैं बिल्कुल चुप हूँ!"

रियांशी ने एक गहरी सांस ली, खुद को शांत किया और खड़े होकर सख्त लहजे में कहा, "बहुत हो गया नाटक! अनिरुद्ध भैया, रुद्र भैया हम सब चलेंगे। और यह (उसने पृथ्वी की तरफ इशारा किया) सिर्फ दूर से अंगूठियां देखेगा। इसे किसी चीज़ को छूने की भी इजाजत नहीं है!"

यह कहकर रियांशी गुस्से में पैर पटकती हुई अपने कमरे की तरफ बढ़ गई।

पृथ्वी ने पीछे से आवाज लगाई, "बबल! कम से कम यह तो बता दो कि अंगूठी का साइज क्या है! या फिर मुझे खुद ही माप लेना पड़ेगा? अच्छा सुनो तुम्हारे लिए एक कमरबंद भी लेंगे हालांकि तुम्हारे कमर की साइज मुझे पता है आफ्टरऑल उसे....

पृथ्वी की बेशर्मी अभी खत्म नहीं हुई थी कि रियांशी बिना मुड़े चिल्लाई, "पृथ्वी, चुपचाप गाड़ी में आकर बैठो, वरना शॉपिंग तो दूर की बात है, शादी भी भूल जाओ!"

रियांशी के जाते ही अनिरुद्ध ने पृथ्वी के कंधे पर हाथ रखा और दबाते हुए कहा, "चल बेटा अब तेरी क्लास दुकान पर लगेगी!"

पृथ्वी ने एक ठंडी सांस भरी, अपनी जैकेट ठीक की और मुस्कुराते हुए बड़बड़ाया, "मज़ा तो अब आएगा!"

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