अचानक ही पूरा माहौल सीरियस से मजाकिया हो गया था! तभी वहां पर मीरा की मां आई जिसे किसी की भी खुशी बर्दाश्त नहीं हो रही थी खास कर के रियांशी और श्रीजा की क्योंकि वह अपनी बहन की बेटी को रुद्र की पत्नी बनाना चाहती थी! पर उस से पहले ही रुद्र श्रीजा के पीछे पागल हो लिया! रुद्र ने श्रीजा को पाने के लिए क्या क्या नहीं किया था! उसने उसे प्यार से मनाने की कोशिश की फिर भी श्रीजा नहीं मानी! उसका हर बार का बहाना था उनकी उम्र के बीच का फासला जो कि सच भी था! पर पर पर श्रीजा की बात अगर रुद्र मान लेते तो वह उसकी बाहों में आज थोड़ी न होती! हालत तो ऐसे हो गए थे कि रुद्र ने सोच लिया था कि अब आर या पार इस लिए उसने श्रीजा के अनाथ आश्रम के बच्चों को किडनैप करने का ढोंग रचा! दरअसल हुआ यू था कि उसने अपने असिस्टेंट से कह कर सभी अनाथ आश्रम के बच्चों को सिटी टूर पर भेजा था! अनाथ आश्रम वालों ने भी इसका कोई विरोध नहीं किया क्योंकि रुद्र काफी बड़ा बिजनेसमैन था! लेकिन रुद्र ने श्रीजा को ऐसा दिखाया कि उसने बच्चों को किडनैप कर लिया है अगर श्रीजा ने उस से शादी नहीं की तो वह बच्चों को हार्म करेगा! अब मारता क्या नहीं करता श्रीजा ने भी रुद्र से शादी कर ली! उस दिन तो रुद्र को मानो खजाना मिल गया हो! फिर रुद्र श्रीजा को उसी दिन घर के आया जिस दिन मीरा की मां की बहन की बेटी आई थी और आकृति जी ने उसे पसंद भी कर लिया था! पर रुद्र ने पहले ही धमाका कर दिया था! उसी दिन के बाद से ही श्रीजा मीरा की मां को पसंद नहीं थी। रियांशी तो उसे शुरू से ही पसंद नहीं थी! पृथ्वी और रियांशी के शादी के बाद तो और नहीं पसंद आएगी!









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