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When Hate Turns into lust

रात के 2 बज रहे थे। राय सिंघानिया मेंशन पूरी तरह खामोश था। रियांशी अपने कमरे में गहरी नींद में थी, बेखबर कि कोई साया उसकी बालकनी के ज़रिए उसके कमरे में दाखिल हो चुका है।

पृथ्वी ने अपने ज़ख्मी हाथ की परवाह किए बिना पाइप के सहारे रियांशी के कमरे की बालकनी तक चढ़ाई की थी। उसके चेहरे पर पसीना था और आँखों में वही खतरनाक चमक। जैसे ही उसने कमरे के अंदर कदम रखा, उसे रियांशी की सोंधी सी परफ्यूम की खुशबू आई।

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