
पूरे कॉलेज में ये बात आग की तरह फैल गई थी कि रेस टाई हो चुकी है।जो पृथ्वी को सपोर्ट करते थे वह कह रहे थे कि पृथ्वी ने रियांशी को जान बुझ कर जितने दिया वह तो किस्मत के कारण रेस टाई हो गई। जो रियांशी के सपोर्टर थे वह उसके ऑपोजिट कह रहे थे।
पर पृथ्वी और रियांशी को इससे कोई भी फर्क नहीं पड़ा। दोनों ही इससे अछूते थे क्योंकि लोगों का काम ही होता है कहना
कॉलेज का अगला दिन। रियांशी अपनी सहेली आरुषि के साथ कैफेटेरिया में बैठी थी। रियांशी कल की रेस के बारे में सोच भी नहीं रही थी, उसके हाथ में उसका आईपैड था और वो अपनी कंपनी RR Enterprises के स्टॉक्स चेक कर रही थी।
"रिया, तू पागल है क्या? कल तूने पृथ्वी राजपूत को धूल चटाई और तू यहाँ ऑफिस के काम में बिजी है?" आरुषि ने कॉफी का घूँट लेते हुए कहा।
रियांशी ने सर उठाया और अपनी परफेक्ट आईब्रो उचकाई और कहा, "आरुषि, राजपूत कल का पास्ट था। मेरा फोकस कल की डील पर है। वैसे भी, वो 'Beast' सिर्फ दहाड़ना जानता है, शिकार करना नहीं।
कैफेटेरिया में रियांशी अपने आईपैड पर बिजी थी, तभी अचानक पूरे हॉल में एक सन्नाटा छा गया। आरुषि ने रियांशी की कोहनी मारी, "रिया... look who’s here. आ गया तेरा 'Favorite' दुश्मन।" रियांशी ने आरुषि को एक annoyed लुक दिया
फिर रियांशी ने सर उठाकर उस जगह देखा जहां पृथ्वी अपनी लेदर जैकेट के साथ, आँखों पर काला चश्मा लगाए अंदर आ रहा था। उसके साथ उसके दो चमचे (Sidekicks) थे। पूरे कॉलेज की लड़कियों की नजरे बस पृथ्वी के ऊपर ही टिकी हुई थी।पर पृथ्वी की नज़रें सिर्फ एक ही जगह टिकी थीं टेबल नंबर 7, जहाँ रियांशी बैठी थी।
पृथ्वी सीधा रियांशी की टेबल पर आया और बिना पूछे उसके सामने वाली चेयर खींच कर बैठ गया।
"Good morning, Business Queen," पृथ्वी की आवाज़ में एक अजीब सी खनक थी। "सुना है कल की रेस के बाद तुम्हारे फैंस बहुत उड़ रहे हैं?"
रियांशी ने अपना आईपैड बंद किया और अपनी चेयर पर पीछे झुक कर बैठ गई और उसी एटिट्यूड में कहा,"फैंस उड़ नहीं रहे राजपूत, वो बस सच बोल रहे हैं। वैसे, सुबह-सुबह मेरा मूड खराब करने का इरादा है या कल की 'Defeat' अभी भी चुभ रही है?"
पृथ्वी ने अपना चश्मा उतारा। उसकी आँखों में एक डार्क इंटेंसिटी थी पृथ्वी ने लीन होते हुए कहा,"Defeat? Don't be so self-obsessed, Rianshi. कल सिर्फ एक ट्रेलर था। असली फिल्म तो अब शुरू होगी।"
पृथ्वी ने टेबल पर रखा रियांशी का कॉफी मग उठाया और एक घूँट भरा ठीक उसी जगह से जहां से रियांशी ने सीप लिया था और उस जगह पर रियांशी के होठों के निशान थे।
कॉफी पीने के बाद पृथ्वी ने अपने जीभ को अपने होठों पर फेरते हुए बेहद ही इंटेंस वे में कहा,” कुछ तो जादू है तुम्हारे होंठों में जो ये कड़वी काफी भी मीठी लग रही है। क्या तुमने अपने होटों की पूरी मिठास इसी काफी में मिला दी है? कभी हमें भी अपने होठों को मिठास चखने का मौका दो,”
रियांशी की आँखें गुस्से और शॉक से फैल गईं। उसने कभी नहीं सोचा था कि पृथ्वी सबके सामने इतनी Bold हरकत करेगा। कैफेटेरिया में मौजूद हर स्टूडेंट की सांसें थम गई थीं। आरुषि का तो मुँह खुला का खुला रह गया।
पृथ्वी की उस "लिपस्टिक वाली कॉफी" और उस फ्लर्टी कमेंट ने कैफेटेरिया का तापमान 100 डिग्री तक पहुँचा दिया था। रियांशी, जो हमेशा शब्दों से खेलती थी, आज पहली बार अवाक खड़ी थी।
उसकी खामोशी का फायदा उठाते हुए पृथ्वी अपनी चेयर से उठा और रियांशी के इतने करीब आ गया कि रियांशी को उसकी महंगी परफ्यूम और सिगरेट की हल्की सी खुशबू साफ महसूस होने लगी।
कैफेटेरिया की हवा जैसे जम गई थी। रियांशी के चेहरे पर गुस्सा और शॉक साफ़ झलक रहा था, लेकिन वह RR थी हार मानना उसकी फितरत में नहीं था। जैसे ही पृथ्वी उसके करीब आया, रियांशी ने अपनी जगह से हिले बिना उसकी आँखों में आँखें डालीं।
पृथ्वी ने अपना हाथ टेबल पर टिकाया और झुककर रियांशी के कान के पास अपनी आवाज़ को एकदम लो और मखमली (velvety) करते हुए कहा,”"Don't look at me like that, राय सिंघानिया तुम्हारी ये आँखें मुझे चैलेंज कर रही हैं या इनवाइट? समझ नहीं आ रहा। पर याद रखना, Beast doesn't play by the rules. उसे जो पसंद आता है, वो उसे अपना बना लेता है।"
रियांशी ने एक ठंडी मुस्कान बिखेरी। उसने अपना हाथ उठाया और पृथ्वी की जैकेट के कॉलर को पकड़कर उसे और भी करीब खींच लिया। अब उनके बीच एक इंच का भी फासला नहीं था। पूरे कैफेटेरिया में 'Gasp' की आवाज़ गूँज उठी। पृथ्वी और रियांशी दोनों ही एक दूसरे के आंखों में इंटेंस वे में देखे जा रहे थे।
रियांशी,"तुम्हारी ये 'Beast' वाली एक्टिंग किसी और पर आज़माना राजपूत। I am not just any girl I am the storm you can't handle. और जहाँ तक इस कॉफ़ी मग की बात है..."
रियांशी ने अचानक से टेबल पर रखा कॉफ़ी मग उठाया और बाकी बची हुई कॉफ़ी सीधे पृथ्वी के जूतों पर गिरा दी।
Rianshi: "Oops! My bad. पर कड़वी चीज़ें मुझे वैसे भी पसंद नहीं हैं, चाहे वो कॉफ़ी हो या तुम्हारा एटीट्यूड।"
रियांशी के इस हरकत से पूरे कैंटीन में शांति छा गई किसी के भी मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहे थे। सच में रियांशी सबसे अलग थी। इस कारण ही पृथ्वी बार बार रियांशी से अट्रैक्ट होता जिसे वह दुश्मनी का नाम देता
रियांशी की हरकत के कारण पृथ्वी की आँखों में एक पल के लिए आग भड़की, लेकिन अगले ही पल वह मुस्कुराया एक ऐसी मुस्कान जो डरावनी और अट्रैक्टिव दोनों थी।
पृथ्वी ने अपने हाथ से रियांशी के चेहरे के पास गिरे एक बाल की लट को पीछे किया। पृथ्वी की उंगलियां रियांशी के चेहरे पर टच हो रही थी,उसकी उंगलियों का टच रियांशी की स्किन पर बिजली की तरह दौड़ा।
पृथ्वी ने रियांशी का बालों से खेलते हुए कहा,"I like it. जितना तुम रेजिस्ट करोगी, तुम्हें तोड़ने में उतना ही मज़ा आएगा। You think you’re the Queen? Well, every Queen needs a King to bow down to. And I am not here to bow, Ray singhania. I am here to rule."
पृथ्वी ने रियांशी का आईपैड उठाया और उसकी स्क्रीन पर अपनी उंगली से 'PR' लिख दिया (हवा में)।
पृथ्वी ने रियांशी के प्लेट में पड़े खाने को खाते हुए कहा,"See you in class, Sweetheart. आज का लेक्चर बहुत इंटरेस्टिंग होने वाला है।"
पृथ्वी पलटकर अपने दबंग अंदाज़ में बाहर निकल गया, जबकि रियांशी वहीं खड़ी अपनी मुट्ठियाँ भींचे उसे जाते देख रही थी।
आरुषि ने रियांशी के पास आकर उसकी बाँह पकड़ी, "रिया, तू ठीक है? ही इज गेटिंग डेंजरस!"
रियांशी ने जाते हुए पृथ्वी को देखते हुए कहा,"He is not dangerous, Arushi. He is just obsessed. और ऑब्सेशन इंसान को कमज़ोर बना देता है। लेट हिम प्ले हिज़ गेम्स, क्योंकि शह और मात का असली खेल तो अब शुरू होगा।"
सारी क्लासेज खत्म हो चुकी थी। अब समय था सभी स्टूडेंट्स के अपने अपने घर पर जाने का रियांशी इस वक्त आरुषि के साथ पार्किंग की तरफ जा रही थी। जहां पर रियांशी की बाइक खड़ी थी।
आरुषि ने रियांशी से अपनी चिंता जताते हुए कहा,” रिया तुझे नहीं लगता वह बीस्ट तुझे कुछ अलग नजरों से देखता है,”
आरुषि के इस तरह कहने पर रियांशी ने अपनी उंगलियों पर घुमा रही चाबी को रोकते हुए कहा,” क्यों उसके पास क्या चार आंखे है, बाकियों को में एक ओर उसे अनेक नजर आती हु क्या,”
आरुषि ने अपने सिर पर हाथ मारते हुए कहा,” तू क्यों समझ नहीं थी है रिया मेरी बातों का मतलब,”
रियांशी में कंधे उचकाते हुए कहा,” तो समझा?”
आरुषि,” तुझे नहीं लगता वह तुझे कभी भी अलग नजरों से देखता है मतलब वह सिर्फ तुझे अपने दुश्मन या राइवल की नजरों से नहीं देखता वह तुझे ऐसे देखता है जैसे तू उसकी ही हो लाइक ये प्यार तो नहीं है और न ही नफरत है ये उस से भी ज्यादा खतरनाक है ऑब्सेशन है। इंसान जब किसी से ऑबसेस्ड हो जाता है तो उसके अंदर ये भावना जन्म ले लेती है कि वह उसे अपने पास कैद कर के रखे उसे सिर्फ वही देख पाए और कोई भी लाइक दुनिया से छिपा कर, और यही सब चीजें पृथ्वी की आंखों में भी दिखती हुआ पर शायद उसे कुछ पता नहीं है। अगर उसे अपनी फिलिंग का अंदाजा होता न तो वह तुझे अपने पास कैद कर लेता,”
आरुषि की इतनी गंभीर और डरावनी बातों को सुनकर कोई भी आम लड़की शायद कांप जाती, लेकिन रियांशी... रियांशी तो रियांशी थी। वह रुकी, आरुषि के चेहरे के पास आई और अचानक ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगी।
रियांशी ने अपनी बाइक की चाबी को अपनी उंगली पर लट्टू की तरह घुमाया और हँसते हुए कहा, "आरुषि! यार तू इतनी डार्क नॉवेल्स और थ्रिलर फिल्में देखना बंद कर दे। 'कैद कर लेगा', 'दुनिया से छिपा देगा'... क्या यार! ये कोई 90 के दशक की टॉक्सिक फिल्म चल रही है क्या?"
आरुषि चिढ़ गई और उसने उसी तरह कहा,"रिया, मैं मज़ाक नहीं कर रही हूँ! तूने उसकी आँखें देखी हैं? वो तुझे ऐसे देखता है जैसे तू कोई ट्रॉफी हो जिसे उसे जीतना ही है!"
रियांशी ने अपनी आँखों से गॉगल्स उतारे और आरुषि के कंधे पर हाथ रखकर उसे अपनी ओर खींचा और कहा,"सुन मेरी जान, वो 'बीस्ट' होगा अपने घर में। यहाँ वो सिर्फ एक ईगोइस्टिक लड़का है जिसका ईगो कल की रेस में थोड़ा सा डैमेज हो गया है। और रही बात ऑब्सेशन की... तो उसे ऑब्सेशन मुझसे नहीं, अपनी हार से है। उसे हज़म नहीं हो रहा कि एक लड़की ने उसे धूल चटा दी।"
रियांशी ने अपनी बाइक पर बैठते हुए मज़ाक के लहजे में आगे कहा, "और अगर वो मुझे 'कैद' करने की सोचेगा भी ना, तो उसे याद दिला देना कि मैं वो चिड़िया हूँ जो पिंजरे के साथ उड़ना जानती है। उल्टा वो बेचारा परेशान हो जाएगा कि किसे उठा लाया! मैं उसकी डिक्शनरी के साथ-साथ उसकी ज़िंदगी का भूगोल भी बदल दूँगी।"
रियांशी ने एक आँख मारकर आरुषि को चिढ़ाया, "चल अब ये साइको-एनालिसिस बंद कर और बैठ और अपना ध्यान और दिमाग इन फालतू बातों में लगाने के बजाय जा कर मेरे भाई को अपने प्यार में गिराने में लगा और जल्दी से मेरी भाई की लुगाई बन जा, नहीं तो मैं किसी और को ढूंढ लूंगी उस पोस्ट के लिए,”
आरुषि ने बाइक पर बैठते हुए रियांशी के कंधे पर मारते हुए कहा,” एई तेरे भाई की लुगाई तो मैं बन जाऊंगी और सिर्फ मैं ही बनूंगी पर तेरा भाई पता नहीं किस मिट्टी का बना हुआ है। मेरी तरफ नजर उठा कर भी नहीं देखता है। हर वक्त इतना सीरियस बन के घूमता है कि मोस्ट सीरियस पर्सन का अवॉर्ड उसे न मिल के किसी और को मिल जाएगा,”
रियांशी ने मुंह बनाते हुए कहा,” ओह तू मेरे ही सामने मेरे भाई की बुराई कर रही है,”
आरुषि,” हा कर रही हूं मतलब तेरा भाई इतना बड़ा पागल है उसे आज तक ये बात कैसे पता नहीं चली कि मैं उसे भाव दे रही हु क्या कुछ नहीं किया उसके लिए कितनी अजीब अजीब हरकते की मैने
रियांशी ने हंसी दबाते हुए बाइक स्टार्ट की। इंजन की गूँज के बीच उसने चिल्लाकर कहा, "अरे बाबा, अनिरुद्ध भाई (रियांशी का भाई) पत्थर का नहीं है, बस थोड़ा Slow Learner है इमोशंस के मामले में। तू ट्राई करती रह, एक दिन पिघल जाएगा!"
आरुषि ने अपनी आँखें घुमाईं (Rolled her eyes) और रियांशी की कमर पर हाथ रखते हुए बैठ गई , "हाँ-हाँ, तू अपनी लव गुरु वाली एडवाइस अपने पास रख और गाड़ी चला! वैसे भी तेरा भाई और वो पृथ्वी राजपूत... दोनों ही Complicated पीसेज हैं।”
वही कोई था जिसे आरुषि का रियांशी की कमर पर हाथ रखना बिल्कुल पसंद नहीं आया ओर उसने वही पास की पिलर पर अपना हाथ दे मारा जिस कारण उसके हाथों से खून की धारा बह निकली। ये कोई और नहीं पृथ्वी ही था जो कि पार्किंग में अपनी बाइक के लिए ही आया था।पर सामने का नजारा देख कर उसकी आंखें जल उठी
“ये क्या किया तूने पृथ्वी,” सक्षम की चिंता भरी आवाज पार्किंग लॉट में गूंज गई
सक्षम की आवाज़ सुनकर पृथ्वी ने अपना हाथ पिलर से हटाया, लेकिन उसकी आँखों में दर्द से ज़्यादा गुस्सा था। खून की बूंदें कंक्रीट के फर्श पर गिर रही थीं, लेकिन उसका पूरा ध्यान रियांशी की बाइक से उड़ती हुई धूल पर था, जो अब पार्किंग से बाहर निकल चुकी थी।
“सक्षम, उसने उसे छुआ... उस लड़की (आरुषि) ने रियांशी को छुआ,” पृथ्वी की आवाज़ इतनी धीमी और ठंडी थी कि सक्षम के शरीर में सिहरन दौड़ गई।
सक्षम ने पृथ्वी का हाथ पकड़ने की कोशिश की, “भाई, वो उसकी बेस्ट फ्रेंड है! लड़कियाँ अक्सर एक-दूसरे के हाथ पकड़ती हैं, गले मिलती हैं। इसमें इतना पागल होने वाली क्या बात है?”
पृथ्वी ने झटके से अपना हाथ छुड़ाया और सक्षम की कॉलर पकड़कर उसे पिलर से सटा दिया। उसकी आँखें नफरत और जुनून की आग से लाल थीं। “मेरे अलावा उसे छूने का हक किसी को नहीं है। न उसके किसी दोस्त को, न दुनिया को। वो सिर्फ मेरी है... और जो चीज़ मेरी होती है, उस पर सिर्फ मेरा निशान होना चाहिए।”
पृथ्वी का यह पागलपन और पजेसिवनेस देखकर सक्षम अंदर तक कांप गया था। उसने कभी नहीं सोचा था कि पृथ्वी, जो हर चीज़ को अपनी उंगलियों पर नचाता है, एक लड़की के लिए इस कदर अपना आपा खो देगा।
पृथ्वी ने सक्षम को छोड़ा और अपनी बाइक की
तरफ बढ़ा। उसके ज़ख्मी हाथ से अभी भी खून रिस रहा था, लेकिन उसे कोई परवाह नहीं थी। उसके दिमाग में बस एक ही मंज़र घूम रहा था—आरुषि का रियांशी को छूना।


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